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Ganpati Jyotish | हस्तरेखा
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हस्तरेखा

हस्तरेखा

ग्रहों को ठीक करने के लिए कौन सा रत्न धारण करे

ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत रत्नो का अत्यंत महत्व है। कुंडली मे उपस्थित ऐसे बहुत से दोष है जो की मात्र रत्नो को धारण करने से दूर हो जाते है। कुंडली मे ग्रहो की स्थिति ,नक्षत्र और राशियों के अनुसार रत्नो को धारण किया जाता है। आज के समय मे तो जहां रत्नो को फ़ैशन सिम्बल के रूप मे भी देखा जाने लगा है वहीं दूसरी ओर अगर अपने राशि और कुंडली के हिसाब से रत्नो को धारण करे तो ये जातक के लिए मंगलकारी साबित हो सकता है। रत्नो के संदर्भ मे यह भी ध्यान देने योग्य बाते है की जो भी ग्रह आपकी कुंडली मे अच्छी दशा मे विराजमान है उनसे संबन्धित रत्नो को कभी धारण न करे । रत्न तभी धारण करने चाहिए जब आपके कुंडली मे उपस्थित ग्रह अच्छी स्थिति मे नही हो या फिर ग्रह तो मौजूद है परंतु किसी और ग्रह की छाया की वजह से वह अपना परिणाम नही दे पा रहे है। तब ऐसी स्थिति मे जातको को रत्न धारण करना मंगलकारी सिद्ध हो सकता है। ग्रहो की खराब दशा के अनुसार कौन से रत्न धारण करने चाहिए इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएँगे।

बृहस्पति की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि जातक के परिवार के भीतर बड़े बुजुर्ग जैसे दादी-दादा की मृत्यु कम उम्र मे हो चुकी हो या वो हमेशा बीमार रहते हो, घर मे बच्चो को हमेशा ख़ासी जुकाम रहता हो,धन संबन्धित दिक्कते बनी रहती हो या पढ़ाई लिखाई मे हमेशा बच्चे पिछड़ रहे हो तो ऐसे मे जातक की कुंडली मे बृहस्पति की खराबी देखने को मिलती है।

रत्न – कुंडली मे बृहस्पति की खराबी ठीक करने के लिए पुखराज रत्न को धारण करना चाहिए ।

यह भी पढ़ें – शरीर के कौन से अंगों पर शनि देते है बुरे प्रभाव और उसके उपाय

सूर्य की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि किसी जातक के मुंह मे लगातार पानी आता हो अर्थात मुंह मे हमेशा लार बनती हो, जिनकी बचपन से ही आंखे कमजोर रही हो,चश्मा जल्दी लग जाए और उसका नंबर लगातार बढ़ता रहे , जिनका आत्मविश्वास हमेशा गिरा रहे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता हो, जिन बच्चो को नशे के प्रति जल्दी रुझान हो जाता हो, पिता के स्वास्थ्य से संबन्धित चिंता जकड़े रहती हो ऐसे जातको का सूर्य खराब स्थिति मे होता है।

रत्न– जिन जातको की कुंडली मे सूर्य खराब दशा मे विराजमान होता है उन्हे माणिक्य धारण करना चाहिए।

बुध की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि जातक को लगातार पेट से संबन्धित बीमारी रहती हो जैसे पेट दर्द, दस्त,उल्टी या दाँतो मे लगातार दर्द या कीड़े लगना, नसो मे अकड़न या खिचाव या सिर मे दर्द रहता हो तो ये लक्षण बुद्ध की खराबी की ओर इशारा करते है।

रत्न– बुद्ध से संबन्धित दोषो से निवारण के लिए पन्ना रत्न धारण करना चाहिए।

चंद्रमा की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि किसी जातक का मन हमेशा अशांत रहता हो,अधिक उतावलापन रहता हो, बने बनाए काम बार-बार बिगड़ रहे हो, जरूरत से ज्यादा सोचता हो, घर मे धन-संपत्ति जमीन-जायदाद से संबन्धित क्लेश बना रहता हो, माँ को स्वास्थ्य संबन्धित समस्या लगातार बनी रहती हो, पढ़ाई लिखाई मे समस्या आ रही हो या एक जगह पर टिककर काम नही कर पा रहे हो या अच्छे खासे बने बनाए घर मे हमेशा शीलन रहती है तो पूर्ण रूप से ये चन्द्र की खराबी के लक्षण है।

रत्न–चन्द्र से संबन्धित दोषो के निवारण हेतु सुच्चा मोती रत्न धारण करना चाहिए।

शुक्र की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

शुक्र खराब दशा मे होने के कारण पति पत्नी के निजी जीवन मे अशांति बनी रहती है। इसके साथ यदि शरीर मे लगातार आलस बना रहता हो काम करने की इच्छा न करे, विवाहित होने के बावजूद यदि विपरीत लिंगो के प्रति अत्यधिक आकर्षण बना रहता हो तो ये सभी दोष शुक्र की खराबी से उत्पन्न होते है।

रत्न– शुक्र से संबन्धित दोषो के निवारण हेतु हीरे को धारण करना चाहिए पर चूंकि हीरा जोश का कारक है इस कारण जोश के साथ सब्र भी जरूरी है इसलिए हीरे के साथ-साथ पन्ना रत्न भी पहनना चाहिए।

शनि की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि शनि की खराब स्थिति कुंडली मे विराजमान है तो इसका असर सबसे पहले व्यक्ति के शरीर के जोड़ो मे देखने को मिलता है। लगातार जोड़ो मे दर्द की समस्या बनी रहती है। अत्यधिक मेहनत के बाद भी फल की प्राप्ति नही होती। घर मे चाचा या भाइयों मे क्लेश बना रहता हो,कड़ी मेहनत के बाद भी जीवन के सुख से वंचित हो तब पक्के तौर पर ये कहा जा सकता है की शनि बुरे भाव मे बैठे हुए है।

रत्न – शनि से संबधित दोषो के निवारण हेतु नीलम रत्न को धारण करना चाहिए।

मंगल की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि मंगल की खराब स्थिति कुंडली मे विराजमान है तो नेत्र संबन्धित रोग, उच्च रक्तचाप, गठिया रोग ,बार बार बुखार आना,शरीर के जोड़ो से संबन्धित रोग या फिर अत्यधिक गुस्सा और चिड़चिड़ापन रहता हो ,कार्य मे सफलता नही मिलती है।

रत्न– मंगल से संबन्धित दोषो के निवारण हेतु मूंगा रत्न धारण करना चाहिए।

राहू की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि किसी जातक की कुंडली मे राहू अपने लक्षण प्रदर्शित कर रहा हो तो ऐसे मे व्यक्ति को मानसिक तनाव,अत्यधिक थकान, वाणी मे कठोरता ,चिड़चिड़ापन,अवसाद की स्थिति पैदा होती है। निजी संबंधो पर भी इसका असर देखने को मिलता है। बात बात पर लड़ाई झगड़े, गलतफहमी होती है।

रत्न– राहू से संबन्धित दोषो के निवारण हेतु गोमेद रत्न धारण करना चाहिए।

केतू की खराब दशा मे कौन सा रत्न धारण करे

यदि किसी जातक की कुंडली मे केतू अपने बुरे लक्षण प्रदर्शित कर रहा हो तो ऐसे मे जातको को अपने संतान पक्ष से सुख नही मिलते, धन की अत्यधिक हानी के साथ नौकरी और व्यवसाय मे ध्यान नही लगता है। नशे की लत जल्दी लगती है, विपरीत लिंगो की ओर अत्यधिक आकर्षण और कोर्ट कचहरी के मामलो मे व्यक्ति हमेशा फंसा रहता है।

रत्न– केतू से संबन्धित दोषो से निवारण हेतु लहसुनिया रत्न धारण करना चाहिए।

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